श्री बलभद्र मंदिर धौलरा

महन्त श्री भागीरथ पूरी जी 09813535610

मंदिर में स्थापित मूर्ति हजारों वर्ष पूर्व खुदाई के दौरान मिली थी। उन्हीं दिनों जगाधरी के एक सेठ बंसी लाल के यहां कोई संतान नहीं थी। तभी उनके सपने में भगवान बलभद्र जी ने दर्शन दिए और सेठ बंसीलाल को गांव धौलरा में उनका मंदिर बनवाने के लिए कहा। जिस पर सेठ गांव में पेड़ के नीचे रखी भगवान बलभद्र जी की मूर्ति वहां से उठाकर बैलगाडिय़ों द्वारा जगाधरी ले जाने लगा। जैसे ही बैलगाड़ी गांव से बाहर निकलने लगा तो बैल अंधे हो गए। जिसके बाद सेठ को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने गांव में ही मंदिर बनवाया। जिसके बाद उसके घर बेटे ने जन्म लिया।
तब से गांव में हरवर्ष सतवा तीज के दिन मेले का आयोजन होता आ रहा है। मंदिर में लोग अपनी मनोकामना के लिए आते हैं। खुदाई के दौरान मिली भगवान बलभद्र जी की मूर्ति किस धातु की बनी है, इसके बारे में आजतक पता नहीं चल पाया है। भगवान बलभद्र जी की मूर्ति पर कोई रंग नहीं ठहरता। कई बार उन्होंने मूर्ति पर रंग किया लेकिन कुछ दिनों बाद ही रंग उतर जाता है।